सपनों का पंख लगा
चलते रहे मंजिल ओर
आयी राह में काँटें
फूल समझ उसे
गले से लगा लिया
जन समाचार मंच
सपनों का पंख लगा
चलते रहे मंजिल ओर
आयी राह में काँटें
फूल समझ उसे
गले से लगा लिया

मुफलिसी में जीवन गुजरा
फिर भी न हारे जीवन से
सपनों का पंख लगा
चलते रहे मंजिल ओर
आयी राह में काँटें
फूल समझ उसे
गले से लगा लिया
देकर दुनिया को सपने
मुस्कुराकर चले गए ।
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अपलोडर: VKA-43UUB7 • प्रकाशित: 27 जुलाई 2026 • 1 मिनट पठन

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