राज्य
बुलडोजर के सामने एक और रात पर कब्जा - कलतान दासगुप्ता
भाजपा असल में कॉर्पोरेट पूंजी के हितों के साथ ही चलती है। यह पार्टी कॉर्पोरेट घरानों और व्यापारियों के भारी-भरकम पैसे से चल रही है। भाजपा ने जिनका नमक खाया है, उनका गुणगान करने के लिए ही वह स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और रेलवे के अधीन आने वाली खाली जमीनें उद्योगपतियों के हाथों में सौंपना चाहती है। हमारी मांग है कि विधानसभा में तुरंत इन गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों के पेट पर लात मारने वाली व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई जाए। विधानसभा में इस लापरवाह हॉकर बेदखली के खिलाफ और उनके वास्तविक पुनर्वास के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। रेल हॉकर समस्या को लेकर रेलवे अधिकारियों, रेल हॉकर संगठनों के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।
राष्ट्रीय
मजदूरों की लड़ाई के साथ सामाजिक न्याय के संघर्ष को जोड़कर ही भारतीय वामपंथी आगे बढ़ेंगे - एम ए बेबी
01. जनता को एक अलग और बेहतर रास्ता दिखाने की सोच सिर्फ वामपंथ के पास ही है। यही राजनीतिक माहौल भारत में वामपंथ के भविष्य को सुरक्षित करता है। 02. वामपंथी चुनावों से अलग हटकर खुद को दोबारा खड़ा नहीं कर पाए, तो सिर्फ वामपंथ का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। नोएडा में आंदोलन कर रहे कॉन्ट्रैक्ट (ठेका) मजदूरों के साथ खड़े होना इसका एक जीता-जागता उदाहरण है। वहां कोई और राजनीतिक दल या ट्रेड यूनियन उस तरह आगे नहीं आया। कामकाजी और मेहनत करने वाले लोगों की आजादी और हक की आवाज बनना ही वामपंथी राजनीति की सबसे बड़ी खासियत है। 03. चुनाव के समय बीजेपी के खिलाफ अलग-अलग राजनीतिक ताकतों को राज्यों की जमीनी हकीकत के हिसाब से एक साथ लाना संभव होगा। संसद के अंदर भी तालमेल बना रहेगा। लेकिन कुछ राज्यों में स्थानीय कारणों से जमीन पर एक साथ मिलकर चलना वाकई मुश्किल है, और इस कड़वी सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। 04. जनता वामपंथियों से बहुत ऊंचे दर्जे के काम की उम्मीद रखती है।
'एक इंटरव्यू में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [(सीपीआई (एम)] के महासचिव एम ए बेबी ने हाल ही में खत्म हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों और वामपंथ के भविष्य पर खुलकर चर्चा की।
श्रद्धांजलि
दिवंगत जन नेता कामरेड बिष्णु मोहंती को श्रद्धांजलि।
कॉमरेड बिष्णु मोहंती ओडिशा के कम्युनिस्ट आंदोलन के बहुत ही वफादार, सेनानी और लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूर, किसान, कृषि मजदूर, युवा, छात्र, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और समाज के सभी शोषित और वंचित तबकों के मुक्ति संग्राम में समर्पित कर दिया।
डॉ.सूर्यकांत मिश्र
सीपीआई (एम) के पूर्व पोलिट ब्यूरो सदस्य
