कुछ गुरुओं को
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बच्चे तलाशने के लिए
कम बच्चे रहे
तो गुरु सरप्लस हो जाते हैं
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अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 29 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने स्पष्टत: कहा कि राममोहन राय ने भारत में आधुनिक युग का उद्घाटन किया, आज के विश्वजनीन सहयोग के जमाने की मानवता में हमारी दीक्षा उन्होंने ही सम्पन्न किया।
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026

भक्ति-आन्दोलन का जनसाधारण पर जितना व्यापक प्रभाव हुआ उतना किसी अन्य आन्दोलन का नहीं। पहली बार शूद्रों ने अपने सन्त पैदा किये, अपना साहित्य और अपने गीत सृजित किये। कबीर, रैदास, नाभा सिपी, सेना नाई, आदि-आदि महापुरुषों ने ईश्वर के नाम पर जातिवाद के विरुद्ध आवाज बुलन्द की। समाज के न्यस्त स्वार्थवादी वर्ग के विरुद्ध नया विचारवाद अवश्यम्भावी था , वह हुआ।
अपराजिता • 30 जुलाई 2026

राममोहन के युग में पूरी दुनिया में वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने आधुनिक युग के वास्तविक अर्थ को पूर्ण रूप से समझा था। वे जानते थे कि अलग-अलग संकीर्ण स्वतंत्रता मानव-साधना का उद्देश्य नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर सार्वभौमिक पारस्परिक निर्भरता और बंधुत्व में ही मानव-सभ्यता की सार्थकता है। अपने अगाध ज्ञान और सहज अंतर्दृष्टि के बल पर उन्होंने मानवता के इस आदर्श को समाज, साहित्य और धर्म के क्षेत्र में संचारित किया।
श्रेया जायसवाल • 22 मई 2026
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