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गुरु पूर्णिमा की मंगलकामनाएं !

राजीव कुमार पाण्डेय•29 जुलाई 20263 मिनट पठन8 बार पढ़ा गया

कुछ गुरुओं को

भेज दिया गया है 

बच्चे तलाशने के लिए 

कम बच्चे रहे

तो गुरु सरप्लस हो जाते हैं

गुरु पूर्णिमा की मंगलकामनाएं !

गुरु पूर्णिमा की मंगलकामनाएं !



आप मुझे 

ढूंढ़ रहे होओगे

गुरु पूर्णिमा की 

बधाई देने

पर माफ़ करना

इस बार थोड़ा मुश्किल है


ज़्यादातर गुरु 

एस आई आर

या जनगणना में

जुते हुए हैं


यहां काम का

कोई तै समय नहीं 

दिया गया टारगेट 

पूरा करना ही है


कुछ गुरुओं को

भेज दिया गया है 

बच्चे तलाशने के लिए 

कम बच्चे रहे

तो गुरु सरप्लस हो जाते हैं


कुछ गुरु

पार्ट टाइम धंधे की

 तलाश में हैं

सीएचबी के पैसे

जब सरकार देगी

तब मिलेगी तनख्वाह 

वह भी ज़िंदा रहने के लिए 

काफी नहीं 

बस समाज में इज़्ज़त 

बनी रहती है

और गुरु पूर्णिमा 

शिक्षक दिवस पर

शुभकामनाएं मिल जाती हैं


कुछ विगत 

बारह बरस से

अस्थाई सेवा में हैं

और स्थाई सेवा की

उम्र ही निकल गई 


प्राइवेट में

दिहाड़ी मजूर की तरह

खटाते हैं

पर समय पर 

न बताने लायक

तनख्वाह दे देते हैं


कई बार

नुक्कड़ पर खड़ा

दिहाड़ी मजदूर 

गुरुजी से अधिक 

आर्थिक संपन्न होता है

या विद्यालय का दरबान भी


ट्यूशनवृत्ति वाले

प्रतियोगिता परीक्षाओं वाले

क्लासेस वाले

गुरुओं की तो चांदी है

दोनों हाथ में लड्डू 

और मुंह में भी ठुंसा हुआ


कुछ गुरु

ऊपर से किस्मत 

लिखवाकर उतरे हैं

परमानेंट नौकरी

पढ़ाने की कोई बंदिश नहीं 

फुलटाइम पॉलिटिक्स 

तिकड़म, बेईमानी 

और अवसर मिले तो

लंपटता का प्रैक्टिकल 


मज़े ही मज़े

हमेशा सत्ता के तलवे के नीचे

पूंछ समेटे

बांछे खिलाए

लतराते रहते हैं


कुछ सेवानिवृत्त गुरु भी हैं

जो भोलाराम के जीव की तरह

पेंशन दफ्तर में

चप्पलें घिस रहे हैं


अरे हां! 

कुछ धर्मध्वजाधारी 

साक्षात ईश्वर टाइप 

गुरु भी हैं

जो गुरु पूर्णिमा के

महाभव्य इवेंट रखते हैं

और करोड़ों के

वारे-न्यारे होते हैं


वातानुकूलित वाहनों

पंचतारांकित आश्रमों में

ज्ञान साधना करते हैं


कुछ अभागे

भगवान कृष्ण की

जन्मस्थली में पड़े हैं


तो कुछ भगवान होने का

सुख चारों पैरों लूट रहे हैं


और बुद्धिहीन महामूर्ख

किंतु गांठ से मज़बूत 

अंधभक्तगण इन्हें 

लिटरली पूज रहे हैं


दरअसल 

यह गुरु पूर्णिमा का पर्व

इन्हीं को सूट करता है


बाकी गुरु तो

खुजली वाले कुत्ते की तरह

बस अपनी

या दूसरों की खुजाए जा रहे हैं


इस आस में

कि उनके भी 

अच्छे दिन आएंगे 

एक दिन 


तब तक के लिए 

आप सभी को

गुरु पूर्णिमा की

हार्दिक शुभकामनाएं!


और हां 

कुछ शाकाहारी किस्म के

मेहनती ईमानदार 

कर्तव्यनिष्ठ 

और शिक्षा को समर्पित गुरु भी हैं

पर इनको आजकल

कोई पूछता  नहीं है


इन्हें भी मंगलकामनाएं!


दरअसल 

शिक्षा विभाग से

आदेश आया है कि

शुभकामना में भी

ऐसा कुछ मत लिखना

कि व्यवस्था विरोधी लगे


अन्यथा 

विभागीय अनुशासनात्मक 

कार्रवाई हो सकती है


हमें तो यहां तक निर्देश है

कि भले ही समय पर

तनख्वाह न मिले

पर शासन विरोधी 

सभा जुलूसों में शामिल हुए 

तो जो मिल रहा है

वह भी हाथ से जाएगा

और भीतर जाओगे 

ऊपर से


इसलिए 

बस इतना ही


हैप्पी गुरु पूर्णिमा!



- हूबनाथ


[लेखक परिचय: लगभग 20 पुस्तकों के अनुवाद एवं संपादन का काम कर चुके लेखक हूबनाथ 'बाजा', 'हमारी बेटी' और 'अंतर्ध्वनि' फिल्मों में संवाद लेखन कर चुके है। आपकी 'कौए', 'लोअर परेल', 'अकाल' व 'मिट्टी' नाम से काव्य संग्रह सहित 'ललित निबंध', 'सिनेमा समाज साहित्य' समेत अनेक किताबें प्रकाशित है। आप मुंबई में रहते है।]

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गुरु पूर्णिमा की मंगलकामनाएं !

अपलोडर: VKA-N9LYCE • प्रकाशित: 29 जुलाई 2026 • 3 मिनट पठन

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