"यह देखकर हैरानी हो रही है कि राज्य पुलिस की मौजूदगी में भाजपा हमला करने आई थी। उनके हमले का कार्यकर्ताओं ने मुंहतोड़ जवाब दिया और भाजपा को मैदान छोड़कर भागना पड़ा। आने वाले समय में भाजपा को पश्चिम बंगाल और देश छोड़कर भी भागना पड़ेगा, क्योंकि मैदान पर अब बंगाल के युवाओं और आम लोकतंत्र प्रेमी जनता का कब्ज़ा होगा। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए लिखित आवेदन देकर हॉल किराए पर लिया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी थी, लेकिन आज की घटना ने पुलिस की विफलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दरअसल, किसी भी लोकतांत्रिक कार्यक्रम पर हमला करना भाजपा की संस्कृति बन चुकी है। वे राज्य की संस्कृति, कूचबिहार की संस्कृति और पंचानन बर्मा की परंपरा को नष्ट करना चाहते हैं।"
ध्रुवुज्योति साहा
डीवाईएफआई पश्चिम बंगाल के सचिव
आज राज्यभर में प्रदर्शन का आह्वान
हमले का प्रतिरोध देखते ही भागे भाजपा के गुंडे
अमित कुमार देव
कूचबिहार

26 जुलाई: संगठन के मुखपत्र 'युवाशक्ति' पत्रिका के 59 वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया था। जिसे विफल करने के लिए सत्ताधारी भाजपा के गुंडों ने जो उपद्रव और हमला किया, वह अभूतपूर्व है। सड़कों पर युवाओं के जमायत में आ रही गाड़ियों पर हमला और मारपीट ही नहीं की गई, बल्कि 'ठाकुर पंचानन भवन' स्थित सभा स्थल के भीतर घुसकर भी भाजपा के उपद्रवियों ने हमला बोला। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में जहां भगवा गुंडों का हमला हुआ, वहीं युवाओं के एकजुट प्रतिरोध के सामने सत्ताधारी दल के इन गुंडों को भागने पर मजबूर होना पड़ा। रविवार को कूचबिहार में यह दृश्य भी देखने को मिला।
पुलिस की मौजूदगी में DYFI के सभा स्थल में घुसकर भाजपा के असामाजिक तत्वों ने हमला किया। युवाओं ने इसका डटकर मुकाबला किया। उनके प्रतिरोध के सामने उपद्रवियों की टोली को भागने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद कार्यक्रम संपन्न करके युवाओं ने कूचबिहार शहर में विरोध रैली निकाली। रविवार की यह घटना कूचबिहार शहर के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है।
क्योंकि इससे पहले कभी भी किसी संगठन के आंतरिक कार्यक्रम को बाधित करने के लिए किसी राजनीतिक दल ने इस तरह हमला नहीं किया था। उपद्रवियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को पूरे राज्य के सभी जिलों में DYFI ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। नेतृत्व की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तृणमूल कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ कैसे लड़ना है, यह हमने पिछले 15 वर्षों में दिखाया है; अब भाजपा के असामाजिक तत्वों के खिलाफ जनता को एकजुट करके हमारे प्रतिरोध की लड़ाई शुरू हो चुकी है।
रविवार को कूचबिहार शहर के गुंजबाड़ी इलाके में स्थित 'ठाकुर पंचानन भवन' में 'डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया' (DYFI) के मुखपत्र 'युवाशक्ति' पत्रिका के 59 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक सेमिनार आयोजित किया गया था। इसके मुख्य वक्ता 'युवाशक्ति' पत्रिका के पूर्व संपादक एवं जन आंदोलन के नेता पलाश दास थे। इस कार्यक्रम में DYFI के केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता मौजूद थे। इसके अलावा कूचबिहार सहित उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि भी शामिल होने आए थे।
रविवार सुबह से ही युवक-युवतियां अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर कूचबिहार शहर के लिए रवाना हुए थे। इस पूर्व घोषित कार्यक्रम को विफल करने के लिए भाजपा के असामाजिक तत्वों ने कूचबिहार जिले के घुघूमारी, 4 नंबर, डाउयागुड़ी, मारुगंज सहित कई इलाकों में इन गाड़ियों पर अंधाधुंध हमला किया। केवल गाड़ियों पर हमला ही नहीं, बल्कि गाड़ियों में मौजूद युवक-युवतियों के साथ मारपीट भी की गई। उनके इस हमले में लगभग 7 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और 100 से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बावजूद पीड़ितों का एक बड़ा हिस्सा कार्यक्रम में शामिल हुआ।
भाजपा के असामाजिक तत्व यहीं नहीं रुके। वे कूचबिहार शहर में भी आतंक का माहौल पैदा करने पर आमादा थे। गुंजबाड़ी इलाके स्थित हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगठन के नेताओं के वक्तव्य के बाद जैसे ही सेमिनार शुरू हुआ, कुछ ही देर में करीब 15 सशस्त्र लोग लाठी-डंडों के साथ परिसर में घुस आए। वे हिंसक होकर हॉल के भीतर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे। इस अचानक हुए हमले से कार्यक्रम में आए युवक-युवतियां चौंक तो गए, लेकिन वे पीछे नहीं हटे और उपद्रवियों का डटकर मुकाबला किया। DYFI कार्यकर्ताओं के जवाबी प्रतिरोध के कारण भाजपा समर्थित इन उपद्रवियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा और वे भागकर पास के एक पेट्रोल पंप में छिप गए। इसके बाद घटनास्थल पर कूचबिहार कोतवाली थाने की पुलिस बल पहुंची, जिन्हें युवा कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
इसके पश्चात सेमिनार शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और गुंजबाड़ी ठाकुर पंचानन हॉल के सामने से गौरी महल तक युवाओं ने विरोध रैली निकाली। बाद में DYFI नेतृत्व ने कूचबिहार कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

DYFI सचिव ध्रुवज्योति साहा ने कहा, "यह देखकर हैरानी हो रही है कि राज्य पुलिस की मौजूदगी में भाजपा हमला करने आई थी। उनके हमले का कार्यकर्ताओं ने मुंहतोड़ जवाब दिया और भाजपा को मैदान छोड़कर भागना पड़ा। आने वाले समय में भाजपा को पश्चिम बंगाल और देश छोड़कर भी भागना पड़ेगा, क्योंकि मैदान पर अब बंगाल के युवाओं और आम लोकतंत्र प्रेमी जनता का कब्ज़ा होगा। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए लिखित आवेदन देकर हॉल किराए पर लिया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी थी, लेकिन आज की घटना ने पुलिस की विफलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दरअसल, किसी भी लोकतांत्रिक कार्यक्रम पर हमला करना भाजपा की संस्कृति बन चुकी है। वे राज्य की संस्कृति, कूचबिहार की संस्कृति और पंचानन बर्मा की परंपरा को नष्ट करना चाहते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि इन असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को राज्यभर में प्रदर्शन किया जाएगा।
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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति| 27 जुलाई,2026
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