देश का धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक संविधान खतरे में है। गरिमा और अधिकारों के साथ इंसान के जीने का अवसर खतरे में है। इनकी रक्षा के लिए हम वामपंथी जनता की एकजुटता को मजबूत करके लड़ाई लड़ रहे हैं, इसीलिए वे डर गए हैं। इसी डर की वजह से वे लाल झंडे को पैरों तले कुचल रहे हैं, जला रहे हैं और वामपंथियों के पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। यह हमला उनके डर का ही नतीजा है।"
वामपंथी देशवासियों के लिए लड़ रहे हैं, इसीलिए लाल झंडे का अपमान कर रही है भाजपा

पानीहाटी: देश के संविधान और देशवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वामपंथी संघर्ष कर रहे हैं, इसीलिए आरएसएस और भाजपा वामपंथियों के लाल झंडे का अपमान कर रही हैं। बुधवार को पानीहाटी के उघुमपुर में सीपीआई (एम) की एक जनसभा में पार्टी की केंद्रीय कमेटी की सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने यह बात कही।
उन्होंने कहा, "देश का धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक संविधान खतरे में है। गरिमा और अधिकारों के साथ इंसान के जीने का अवसर खतरे में है। इनकी रक्षा के लिए हम वामपंथी जनता की एकजुटता को मजबूत करके लड़ाई लड़ रहे हैं, इसीलिए वे डर गए हैं। इसी डर की वजह से वे लाल झंडे को पैरों तले कुचल रहे हैं, जला रहे हैं और वामपंथियों के पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। यह हमला उनके डर का ही नतीजा है।"
इस दिन सीपीआई (एम) की पानीहाटी एरिया कमेटी-2 की ओर से आयोजित इस जन सभा का विषय था — 'वर्तमान समय में हमारा कार्य'। उत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति से हॉल खचाखच भर गया। भवन के परिसर में बड़ी स्क्रीन पर सभा के प्रसारण की व्यवस्था करनी पड़ी, जहाँ भी बड़ी संख्या में लोगों ने धैर्यपूर्वक नेताओं के विचार सुने। सभा की शुरुआत में हाल ही में दिवंगत पार्टी नेता कॉमरेड तानिया चक्रवर्ती को श्रद्धांजलि देते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इलाके के एसएफआई (SFI) नेता प्रियांशु कुंडू ने संगीत प्रस्तुत किया। सभा में मीनाक्षी मुखर्जी और कलतान दासगुप्ता के अलावा पार्टी की जिला सचिव मंडल के सदस्य झंटू मजूमदार और एरिया कमेटी के सचिव नीलमणि विश्वास ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षता शुभब्रत चक्रवर्ती ने की।
सभा में मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, "चुनाव से पहले भाजपा ने जो वादे किए थे, अब सरकार में आने के बाद वे कहाँ गए? क्या जनता पर हमले करने के लिए लोगों ने उन्हें चुना था? सांप्रदायिक उकसावे और बंटवारे के जरिए लोगों को ज्यादा दिनों तक गुमराह नहीं रखा जा सकता, पश्चिम बंगाल में आखिरी बात 'तर्कवाद' (Rationalism) ही कहेगा। इसके लिए वामपंथी कार्यकर्ताओं को जनता को एकजुट करके आत्मविश्वास के साथ आंदोलनों और संघर्षों से जुड़े रहना होगा। कम्युनिस्टों के नेतृत्व में निरंतर चलने वाले संघर्ष में हमारी अपनी-अपनी भूमिका के प्रति सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना होगा।"
तृणमूल-कांग्रेस सरकार ने किस तरह राज्य का सर्वनाश किया है और वर्तमान में भाजपा सरकार किस तरह पूरे देश और इस राज्य के लोगों का सर्वनाश कर रही है, इसका उल्लेख करते हुए मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा, "वे मुनाफाखोर कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में देश की संपत्ति सौंपना चाहते हैं। इसके लिए वे लूट की राजनीति चला रहे हैं। इसका प्रतिरोध करने के लिए सिर्फ चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर समय इलाके की बूथ टीमों को सक्रिय रहना होगा। आरएसएस के उग्र हिंदुत्ववादी प्रचार के प्रति निरंतर सतर्क रहना होगा और लोगों को जागरूक करना होगा।"
कलतान दासगुप्ता ने सभा में कहा, "जेन ज़ी (Gen Z) और वामपंथियों के आंदोलन का विरोध करने के लिए जिन लोगों ने वामपंथियों के लाल झंडे और महापुरुषों का अपमान किया, उन्होंने कभी देश की आजादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। वे राष्ट्रीय ध्वज का भी सम्मान नहीं करते। छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुलूस निकाला, तो ये लोग उनके खिलाफ 'देशद्रोही' होने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। वास्तव में भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसका भारत की किसी अन्य पार्टी से कोई मेल नहीं है। नव-फासीवाद (Neo-fascism) के खिलाफ वर्तमान समय में हमें लड़ाई लड़नी पड़ रही है। इस शक्ति के खिलाफ संघर्ष के तरीकों को हमें आत्मसात करना होगा।"
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साभार:बांग्ला दैनिक गणशक्ति | 30 जुलाई,2026
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